भारतीय कृषि में कैशलेस लेनदेन: नये अध्याय की शुरूआत

भारतीय कृषि में कैशलेस लेनदेन: नये अध्याय की शुरूआत
अनिल कुमार मलिक व सुनील कुमार
(ह. कृ. वि हिसार)

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कृषि व्यवसाय में लेन देन को बढ़ावा देने के लिए 23 नवंबर 2016 को कृषि और किसान कल्याण मंत्री ने विभिन्न विभागों ओर संबद्व संगठनों को नकद रहित लेन देन के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और उनके व्यवसाय के साथ विभिन्न ई-पेंमेंट गेटवे को लिंक करने के लिए केन्द्र सरकार ने निर्देषित किया। नतीजन 25 नवंबर 2016 को माननीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और संबंद्व संगठनों के प्रतिनिधियों जैसे इफको, नाबार्ड आदि ने देश ने देश भर में ई-बैंकिंग में जागरूकता कार्यक्रमों, प्रषिक्षण और बुनियादी ढांचे के विकास करने का फैसला लिया।
माननीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने 13 फरवरी 2016 को मोतीहारी में इफको, कृषको, एयरटेल, अन्य संगठनों और लोगों के साथ बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के और कैशलेस लेनदेन के लिए गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कई बैठकें की। 28 नवंबर 2016 को मंत्रालय के अधिकारियों ने नीति आयोग द्वारा आयोजित एक प्रषिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। 29 नवंबर 2016 को माननीय केन्द्रीय मंत्री ने इस प्रगति की समीक्षा की। जहाँ इफको, कृषकों, एनसीयूआईई, एनसीडीसी, नाबार्ड, अमूल, मदर डेयरी, राज्य सहकारी बैंक, 35 अंतराष्ट्रीय सहकारी बैंक उपस्थित थे। इस मीटिंग में नीति आयोग द्वारा प्रस्तुतियों के माध्यम से पूरे देष में प्रीपेड कार्ड, यूएसएसडी आधार सक्षम ई-पेमेंट सिस्टम, यूपीआई, ई-वॉलेट, पीआएस के इस्तेमाल करने के लिए जोर दिया गया था।
कैश लेस लेनदेन की जानकारी मुझे या आपको पता होगी लेकिन भारत में आज भी बहुत सारे किसान और अन्य ग्रामीण ऐसे हैं जिनको इसके बारे में कुछ भी पता नहीं है जैसे कि कैश लेस लेन-देन होता क्या है, यह कार्य कैसे करता है। सरकार जो जनता से बार बार अपील कर रही है कि कैश लेस खरीदारी करे, ऑनलाइन भुगतान सेवा का उपयोग करें और नकद रहित लेनदेन करें।

कैश लेस लेन-देन क्या है?
कैश लेस लेन-देन एक ई-भुगतान (ई-वॉलेट) सेवा है। जिससे हम आनॅलाइन भुगतान, मनी ट्रांसफर, शापिंग, बिल पे और अपना डीटीएच मोबाईल रिचार्ज कर सकते हैं। कैशलेस ट्रांजेक्षन में आप बैंक में जाये बिना ही अपने खाते से किसी दूसरे व्यक्ति के खाते में पैसे भेज सकते हैं या फिर किसी से पैसा ले भी सकते हैं।
कैशलेस- ट्रांजेक्सन/लेनदेन करने के तरीके या कैशलेस लेन-देन कैसे करें?
आप किसी माध्यम से कैशलेस लेनदेन करना चाहते हैं। इसके लिए आपको यह पता होना चाहिए कि हम कैशलेस लेनदेन किस-किस तरीके से कर सकते हैं।
कैशलेस लेनदेन के प्रकार :
1. डेबिट, क्रेडिट या ट्रैवल कॉर्ड :- ये हर जगह काम आते हैं जब भी आपको पैसे की जरूरत पड़ती है तो आप किसी भी समय एटीएम मशीन पर जाकर कैश निकाल सकते हैं। लेकिन इसे आप शापिंग और ऑनलाईन पेमेंट करने में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
2. यूएसएसडी- अनस्ट्रक्चर अनुपूरक सेवा डेट :- ये सेवा उन लोगों के लिए है जिनके पास इंटरनेट या स्मार्ट फोन की सुविधा नहीं है। अगर आपके पास स्मॉर्टफोन नहीं है तो आप यूएसएसडी मनी ट्रॉसफर आपके लिए उचित कैशलेस लेनेदन सर्विस होगी।
3. एईपीएस – आधार सक्षम भुगतान प्रणाली :- कैशलेस सिस्टम का प्रयोग जनता अधिक से अधिक करें, इसके लिए सरकार ने आधार सक्षम भुगतान प्रणाली शुरू की है। अब आपका आधार कार्ड ही आपके एटीएम की जगह ले सकता है। एईपीएस प्रयोग करने के लिए आपको अपना आधार कार्ड बैंक से जोड़ना होगा। इस माध्यम से आप कैशलेस निकाली, कैश जमा करना, खाते की स्थिति एवम् आधार से आधार मनी ट्रॉसफर कर सकते हैं।
4. यूपीआई – एकीकृत भुगतान इंटरफेस :- यूपीआई एक ई-वैलेट ऐप है जिसको भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) पर एनपीसीआई ने मिलकर बनाया है। इस एप्लीकेषन को इंस्टॉल करके स्मॉर्ट फोन से पैसे का लेनदेन कर सकते हैं। यूपीआई ऐप से पैसे टं्रासफर करने के लिए बैंक आईएफएससी कोड की जरूरत नहीं पड़ती।
5. मोबाईल वॉलेट्स :- इसको किसी भी स्मार्ट फोन में चलाया जा सकता है। इसको ई-वॉलेट कहते हैं, मोबाईल वॉलेटस में नेट बैंकिग, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कॉर्ड से धन जमा होता हैं इसके बाद हम पैसे का ट्रॉसफर शापिंग, ऑनलाईन खरीदारी या बिना कैश लेस लेनदेन किया जा सकता है। आज विभिन्न प्रकार के अलग अलग कम्पनियों की ओर सरकार के वॉलेटस ऐप मौजूद हैं। जिनके माध्यम से आप इनकी सेवाऐं ले सकते हैं।
कैशलेस लेनदेन के लिए भारतीय मोबाईल वॉलेट ऐप्स
पेटीएम (Paytm)
ऑक्सीजन (Oxygen)
फ्रीचॉर्ज (Freecharge)
मोबीक्विक (Mobiwik)
एसबीआईबडी (SBI buddy)
6. इंटरनेट बैंकिग :- नेट बैंकिग अर्थात् राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर सभी बैंकों खाताधारकों के लिए उपलब्ध हैं ये सेवा आपको आपके बैंक से ही मिलेगी। इससे आप घर बैठे एक लाख रूपये तक का फंड ट्रांसफर कर सकते हैं। यह सेवा पूर्णरूप् से सुरक्षित होने के साथ साथ डेस्कटॉप और मोबाईल ऐप में मिलेगी। नेट बैंकिग में ई वॉलेट के साथ एनईएफटी, आईएमपीएस या क्विम मन ट्रांसफर जैसे अतिरिक्त सेवा भी जुड़ी हुई हैं।

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